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समग्र शिक्षा के सन्दर्भ में 64 कलाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन

Pooja Sharma, Prof.Amit Pandey Bhardwaj
Published August 6, 2026, Volume 2, Year 2026

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 कौशल विकास और समग्र शिक्षा पर बल देती है| इसमें 64 कलाओं का अध्ययन न केवल ऐतिहासिक रुचि का विषय है बल्कि |समकालीन शैक्षिक नीतियों और कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों के लिए सैद्धान्तिक एवं व्यवहारिक आधार भी प्रदान करता है। नीति 2020 का केन्द्रबिंदु समग्र शिक्षा है जो केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहकर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक आयामों के संतुलित विकास पर जोर देती है और इसी के अनुरूप पाठ्यक्रम में कला, शिल्प, संगीत, खेल, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, इंटर्नशिप और व्यावसायिक शिक्षा को शामिल किया गया है। प्रस्तुत अध्ययन समग्र शिक्षा के संदर्भ में 64 कलाओं का संक्षिप्त और विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन का उद्देश्य बाणभट्ट द्वारा उल्लिखित 64 कलाओं का अध्ययन करना और समग्र शिक्षा के संदर्भ में बाणभट्ट द्वारा उल्लिखित 64 कलाओं का विश्लेष्णात्मक अध्ययन करना| इन कलाओं को केवल सांस्कृतिक अभिलेख के रूप में न देखकर, शैक्षिक पाठ्यक्रम में समेकित करने योग्य बहुआयामी कौशल के रूप में वर्णन किया गया है। कलाओं को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और सामाजिक आयामों के विकास से जोड़ा गया है। गुणात्मक शोध उपागम के अंतर्गत प्रयोग की जाने वाली संप्रत्यय विश्लेषण विधि (Concept Analysis Method) के प्रयोग द्वारा बाणभट्ट उल्लिखित 64 कलाओं को उनकी प्रकृति के अनुसार आठ वर्गों में वर्गीकृत करके समग्र शिक्षा के सन्दर्भ में विश्लेषित किया गया है|

Keywords

समग्र शिक्षा समग्र शिक्षा के आयाम कला 64 कलाओं का वर्गीकरण |